पूरी दुनिया ने नए साल 2026 का स्वागत जबरदस्त उत्साह, रंगीन आतिशबाज़ी और भव्य समारोहों के साथ किया। एशिया से लेकर यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक—हर देश में लोगों ने पुराने साल को विदाई दी और नई उम्मीदों, संकल्पों और सपनों के साथ नए वर्ष का अभिनंदन किया।
एशिया में सबसे पहले जश्न
दुनिया में सबसे पहले न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में 2026 की शुरुआत हुई। सिडनी हार्बर ब्रिज पर हुई भव्य आतिशबाज़ी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।
जापान, चीन और भारत सहित कई एशियाई देशों में मंदिरों, चर्चों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
भारत में उत्सव और उमंग
भारत में मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता और नागपुर जैसे बड़े शहरों में नए साल का जश्न धूमधाम से मनाया गया। युवाओं ने म्यूज़िक नाइट्स, पार्टियों और पारिवारिक समारोहों के जरिए 2026 का स्वागत किया।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महानगरों में पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष बंदोबस्त किए गए थे।
यूरोप और अमेरिका में रोशनी का सैलाब
यूरोप के लंदन, पेरिस, बर्लिन और रोम जैसे ऐतिहासिक शहरों में मशहूर इमारतों के आसपास आतिशबाज़ी और लाइट शो आयोजित हुए।
वहीं अमेरिका में न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर पारंपरिक बॉल ड्रॉप इवेंट के साथ लाखों लोगों ने नए साल की उलटी गिनती कर 2026 का स्वागत किया।
शांति, उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश
नए साल के अवसर पर कई विश्व नेताओं ने शांति, भाईचारे और वैश्विक विकास का संदेश दिया। आम लोगों ने भी 2026 से बेहतर भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।
निष्कर्ष
2026 की शुरुआत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भले ही दुनिया अलग-अलग देशों और संस्कृतियों में बंटी हो, लेकिन खुशी और उम्मीद का उत्सव पूरी मानवता को एक सूत्र में बाँधता है।

