नई दिल्ली | विज्ञान प्रतिनिधि
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को एक और मिशन के दौरान झटका लगा है। अन्वेषा सैटेलाइट निर्धारित कक्षा तक पहुंचने में असफल रहा और रास्ते से भटक गया, जिसके कारण यह मिशन असफल घोषित कर दिया गया। इस मिशन के साथ कुल 14 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा गया था।
ISRO की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, लॉन्च प्रक्रिया के तीसरे स्टेज (Third Stage) में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई, जिससे रॉकेट आवश्यक गति और दिशा बनाए नहीं रख सका। परिणामस्वरूप अन्वेषा सैटेलाइट और उसके साथ भेजे गए अन्य उपग्रह अपनी तय कक्षा में स्थापित नहीं हो सके।
तीसरे स्टेज में आई गड़बड़ी बनी वजह
ISRO वैज्ञानिकों ने बताया कि लॉन्च के शुरुआती दो चरण सामान्य रहे, लेकिन तीसरे चरण के दौरान परफॉर्मेंस में अनियमितता दर्ज की गई। इसी वजह से सैटेलाइट्स को सही ऑर्बिट में इंजेक्ट नहीं किया जा सका और मिशन को बीच में ही विफल मानना पड़ा।
डेटा का विश्लेषण जारी
ISRO ने स्पष्ट किया है कि मिशन के दौरान प्राप्त टेलीमेट्री और सेंसर डेटा का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। वैज्ञानिक यह पता लगाने में जुटे हैं कि तकनीकी खामी हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर या फ्यूल सिस्टम से संबंधित थी या नहीं, ताकि भविष्य के मिशनों में ऐसी चूक दोबारा न हो।
अंतरिक्ष कार्यक्रम पर असर नहीं
ISRO अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस असफलता का भारत के आगामी अंतरिक्ष अभियानों पर कोई दीर्घकालिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। एजेंसी पहले भी ऐसे तकनीकी झटकों से सीख लेकर सफल मिशन अंजाम दे चुकी है।
इस मिशन को लेकर देशभर में वैज्ञानिक समुदाय और अंतरिक्ष प्रेमियों की नजरें ISRO की अगली आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

